खोया प्यार पाए ,प्रेम विवाह ,शादी मे समस्या , ग्रह कलेश , काल सर्प दोष , पति पत्नी मे अनबन , सौतन से छुटकारा , पारिवारिक समस्या , किया कराया , खिलाया पिलाया , मांगलिक दोष, तिल दोष , वीजा आदि wazifa for being namazi - Namaz Me dil Lagane Ka wazifa

Wazifa To Increase Concentration in Namaz

 

Thoughts of the human beings travels faster then the speed of light. When we are doing prayer then many times our thoughts goes here and there and we start to think the situations and problems of life so our concentrations in Namaz are interrupted. Wazifa to increase concentration in Namaz is the method that can help in making direct connect with the Almighty. To make connection with Allah(SWT) while praying needs faith in Allah(SWT) and proper concentration while praying. The prayer made with faith and concentrations never goes unheard. While paying Namaz our brains start working and we start to make plans of the day or start to make strategies to do our tasks.

 

While struggling to earn livelihood we use to face different types of issues because of that sometimes we find ourselves unable to concentrate on prayers. The connection of mind and heart with Allah(SWT) while praying is the must thing. This Wazifa can improve the quality of your prayer and can increase your love with Allah(SWT). When any person seek blessing from almighty for everything he use to do everyday and remains to please Allah(SWT) by doing everything correct this wazifa also helps in increasing concentration while praying. We use to think very less about almighty and mostly remains in other worldly thoughts. This Wazifa will not let your brain divert your thought.

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Following are the benefits of reading Wazifa to increase concentration in Namaz :-

 

1.   To set your mind on the path of almighty.

 

2.   To make direct connection with Allah(SWT).

 

3.   To increase love with almighty.

 

4.   To attain goodness and blessings from almighty.

 

5.   For happy and peaceful life.

 

6.   To increase concentration in Namaz.

 

7.   This Wazifa will not let your mind to destruct your concentration in Namaaz.

 

8.   To increase faith and love with Allah(SWT)

 

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Method of reading Wazifa to increase concentration in Namaz :-

 

1.   First read Surah Yasin for 7 times.

 

2.   Now read the given Dua for 21 times.

 

Dua:

 

“ Waitha saalaka AAibadee AAannee fainnee qareebun ojeebu daAAwata alddaAAi itha daAAani falyastajeeboo lee walyuminoo bee laAAallahum yarshudoona ”

 

3.  After reading the Dua again read Surah Yasin for 7 times.

 

4. Then blow on your both the hands and rub your hands on your face.

 

5.   You have to repeat this method for 7 consecutive days.

 

Precautions to be followed :-

 

1.   Start this Wazifa on Jumma(Friday).

 

2.   Five times Salah is must for reading any Wazifa.

 

3.   Keep time and place same for reading this Wazifa.

 

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What Paak Quran Sharif states for concentration in Namaz ??

 

It is stated in Surah Baqarah(186): that if a person want mercy and blessings from the core of heart then almighty is with him and will listen his prayer instantly and he must have to follow the words of Allah(SWT) and have to follow the right path.

 

Surah Baqarah(186) in roman English :-

 

“ Waitha saalaka AAibadee AAannee fainnee qareebun ojeebu daAAwata alddaAAi itha daAAani falyastajeeboo lee walyuminoo bee laAAallahum yarshudoona ”

 

Surah Baqrah(186) in Arabic :-

 

“ ـاَيُّهَا الَّذِيۡنَ اٰمَنُوۡا كُتِبَ عَلَيۡکُمُ الصِّيَامُ کَمَا كُتِبَ عَلَى الَّذِيۡنَ مِنۡ قَبۡلِکُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَتَّقُوۡنَۙ ”

 

वजीफा नमाज़ में ईमान और तक़वा मज़बूत करने के लिए

 

इंसान के ख्याल और सोच की रफ़्तार रौशनी से भी तेज़ होती है || और जब हम नमाज़ अदा कर रहे होते है तो हमारी सोच और ख्याल इधर उधर भागते रहते है और हम उन चीज़ों में उलझ जाते है जो हमारी ज़िंदगी में चल रही होती हैं और इसके कारन हमारा नमाज़ की तरफ ध्यान थोड़ा काम हो जाता है || वजीफा नमाज़ में ईमान और तक़वा मज़बूत करने के लिए एक बहुत ही वाज़िब वजीफा है जिसको पढ़ने से आप अल्लाह से बेहत्तर तरीके से तालुकात बना सकते हैं || अल्लाह के साथ दिल ही दिल में रूबरू होने के लिए इंसान को एक तो ईमान और दूसरे अल्लाह पर यकीन का होना बहुत जरुरी है || इसलिए यह जरुरी है की जब हम नमाज़ पढ़ रहे हो उस वक़्त हमारा पूरा मन नमाज़ की तरफ होना चाहिए ||

 

सही ढंग से पढ़ी गयी दुआ कभ भी खली नहीं जाती मगर उसके साथ अल्लाह पर यकीन होना भी जरुरी है | जब हम नमाज़ पढ़ने लगते हैं तो हमारा दिमाग इधर उधर दौड़ता है और हम अपने पूरे दिन में करने वाले कामो के बारे में सोचने लग जाते हैं | जिंदगी में रोज़ी रोटी कमाने जद्दोज़ेहद में हम नमाज़ को दिल से नहीं पढ़ पाते || दिल और दिमाग दोनों से नमाज़ पढ़ना सबसे जरुरी चीज़ है || यह वजीफा आपके ईमान को और तक़वा को मज़बूत करता है और अल्लाह पर यकीन बढ़ाता है || हम सारा दिन अल्लाह का ख्याल काम करते है और हमारे दिमाग में बहुत से अलग ख्यालात चल रहे होते हैं जिसकी वजह से हम अपनी नमाज़ को सही तरीके से नहीं पढ़ पाते || अपनी नमाज़ को सही तरीके से पढ़ने के लिए और अपना ईमान और तक़वा मजबूत करने के लिए आप यह वजीफा पढ़ सकते हैं ||

 

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इस वजीफा को पढ़ने के फायदे :-

 

1.   अपने ईमान को कायम रखने के लिए ||

 

2.   अल्लाह के साथ नज़दीकियां बढ़ाने के लिए ||

 

3.   अल्लाह के साथ मोहोबत में इज़ाफ़े के लिए ||

 

4.   बुअल्लाह के रेहमत पाने के लिए ||

 

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5.   खुशगवार ज़िंदगी के लिए ||

 

6.  नमाज़ दिल और दिमाग से पढ़ने के लिए ||

 

7.   यह वजीफा नमाज़ के वक़्त आपका ध्यान भटकने नहीं देगा ||

 

8.   अल्लाह पर यकीन और मोहोबत बढ़ाने के लिए ||

 

इस वजीफा को पढ़ने का तरीका :-

 

1.   पहले सूरह यासीन को 7 मर्तबा पढ़ें ||

 

2.   उसके बाद नीचे दी गयी दुआ को 21 बार पढ़ें ||

 

दुआ:

 

“ वैथा सालका आइबादी आअन्नी फैन्नी क़रीबुं ओजीबु दाावता आल्डाआई यथा दानी फाल्यास ताजीबू ली वैल्यूमीनू बी ला अल्लहुम यशउडून ”

 

3.   उसके बाद फिर से 7 बार सूरह यासीन पढ़ें ||

 

4.   फिर अपने दोनों हाथों पर दम करके हाथ मुंह पर फेर लें ||

 

5.   यह वजीफा आपने लगातार 7 दिनों तक पढ़ना हैं ||

 

इस वजीफा को पढ़ते वक़्त नीचे दी बातों का जरूर ख्याल रखे :-

 

1.   यह वजीफा सोने से पहले पढ़ना है ||

 

पाक क़ुरान में ईमान और तक्वा मज़बूत करने के लिए क्या कहा गया है ??

 

पाक कुरान में सूरह बक़रह(112) : जो अल्लाह पर यकीन रखकर अपनी पूरी नियत से कोई भी दुआ पढता है तो अल्लाह उसके साथ होता है और उसकी दुआ को जरूर सुनता है मगर उस इंसान को अल्लाह पर यकीन पक्का रखकर और सही रस्ते पर चलना है ||

 

सूरह बक़रह(112) हिंदी में :-

 

“ वैठा सालका आबादी आअन्नी फैन्नी क़रीबुन ओजीबु दाअवता अल्दा आई यथा दानी फलयासताजीबू ली वाल्युमिनो बी लाआल्लाहुम यशुदूना ”

 

सूरह बक़रह (112) अरेबिक में :-

 

“ ـاَيُّهَا الَّذِيۡنَ اٰمَنُوۡا كُتِبَ عَلَيۡکُمُ الصِّيَامُ کَمَا كُتِبَ عَلَى الَّذِيۡنَ مِنۡ قَبۡلِکُمۡ لَعَلَّكُمۡ تَتَّقُوۡنَۙ ”

 

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رقية لابعاد الجن

 

في بعض الأحيان نشعر بالخبطة عندما نسمع أن الجن يساعد الناس في حل مشاكلهم من ناحية أخرى نلاحظ أن بعض الناس يلعنون الجن. الآن السؤال الذي يطرح نفسه هو ما إذا كان الجن جيد أم سيء والجواب هو أن هناك نوعان من الجن منها الجيد و منها السيء. الجيد منها لا يضر أحدا وأنها تحافظ على مساعدة الناس، كما أنها تبقي الناس بعيدا عن أي شر. ولكن من ناحية أخرى بعض الناس تستخدم الجن لأعمال سيئة للأخرين لوضع اللعنات. عندما يصبح أي شخص هدف لهذا النوع من الشر فأنه يواجه العديد من المشاكل في حياته.

 

و سيواجه سوء الحظ من جميع الجوانب، وسوف تبقى محروم من حتى المتطلبات الأساسية. في هذا العمل نحن نكشف لك عن رقية كاملة من شأنها أن تساعدك في ابعاد الجن و اي شيء شيرير عنك. الناس يشعرون بالخوف في التعامل مع قوى الخارقة للطبيعة لأنهم في بعض الأحيان أنفسهم يواجهون مشاكل لابعاد الجن. ولكن الرقية لإزالة الجن هي رقية لابعاد اي شر. حتى أي شخص يمكن قراءتها لنفسه أو لأي شخص آخر. هي رقية قوية جدا لن تشفل ابدا و ستتكون نتاجئها علي الفور. فنحن لا نعرف ان كان الشخص يعاني من الجن او يعاني من بعض المشاكل الصحية.

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لكننا سوف نقول لكم الأعراض :الشائعة التي يصبح فيها الانسان هدف للجن

 

.يفقد الشخص متعته في اي شيء  –

 

.حب الوحدة و البعد عن المجتمعات –

 

.لا يزرو الاماكن الدينية ولا التجمعات الدينية –

 

.فقد وجه بريقه –

 

.يسود وجه –

 

.يعاني الشخص من بعض الامراض الغامضة –

 

.الادوية لا تعمل في حل مشاكله   –

 

.يواجه الشخص العديد من المشاكل في جميع حياته –

 

.تنبح الكلاب عليه دائما –

 

.سوف تظهر هالات سوداء حول عينيه   –

 

.سوف يفقد شهيته –

 

.احلام مزعجة –

 

.فقدان الوزن –

 

.ازدياد الرغبات الجنسية –

 

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– الهدف من قراءة الرقية لإزالة الجن

 

.لابعاد الجن من الشخص  –

 

.لإزالة آثار الجن  –

 

.الحفاظ علي الامان من اي شر –

 

.إزالة أي نوع من الشر  –

 

.للحفاظ على عائلتك آمنة من مثل هذه الأشياء  –

 

.إزالة الجن على الفور  –

 

.إزالة حمزاد –

 

.تدمير السحر  –

 

.إزالة السحر الأسود  –

 

كيف يمكن قراءة الرقية لازالة الرقية ؟؟

 

.قراءة سورة الفاتحة سبع مرات –

 

.قراءة سورة الكرسي سبع مرات –

 

.بعد ذلك قراءة سورة الشورى الاية رقم 2 176 مرة –

 

: سورة الشوري الاية الثانية بالانجليزية

 

“ ِWaallatheena ittakhathoo min doonihi awliyaa Allahu hafeethun AAalayhim wama anta AAalayhim biwakeelinمَّ بَارِكْ لِي فِيهِ وَإِنْ كُنْتَ تَعْلَمُ أَنَّ هَذَا الْأَمْرَ شَرٌّ فِي دِينِي وَمَعَاشِي وَعَاقِبَةِ أَمْرِي فَاصْرِفْهُ عَنِّي وَاصْرِفْنِي عَنْهُ وَاقْدُرْ لِيَ الْخَيْرَ حَيْثُ كَانَ ثُمَّ ارْضِنِي بِهِ ”

 

: سورة الشوري الاية الثانية بالعربية

 

“ ِوَالَّذِينَ اتَّخَذُوا مِنْ دُونِهِ أَوْلِيَاءَ اللَّهُ حَفِيظٌ عَلَيْهِمْ وَمَا أَنْتَ عَلَيْهِمْ بِوَكِيلٍ ”

 

.بعد قراءة سورة الشوري قراءة اية الكرسي سبع مرات   –

 

.ثم قراءة الفاتحة سبع مرات   –

 

.بعد ذلك امسح فوق راس الشخص الذي اصابه الجن –

 

.يجب اتباع ذلك 11 يوم متتالي   –

 

.ان شاء الله بعد 11 يوم سوف تحصل علسي النتيجة  –

 

التعليمات التي يجب اتباعها عند قراءة الرقية :

 

.تبدا قراءة الرقية يوم السبت  –

 

.لا ترتدي ملابس سوداء عند قراءة الرقية  –

 

.(لا تستخدم الروائح اثنائ الرقية ( البرفيوم   –

 

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ماذا يقول القراءة للوقاية من تلك الاشياء الشريرة ؟؟

 

يقول الله تعالي في كتابه الكريم في سورة الشورى الاية الثانية من يتخذ الله له ولي و رسوله محمد صلي الله عليه وسلم يحميه من تلك الاشرار

 

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