Wazifa for Enemy

 

Wazifa for enemy is taken from the holy Book Quran E Pak, and the main purpose of reading this wazifa is to remove enmity from the two individuals. When someone has keeps bad thoughts for other one and keeps on hating him then he also tries to harm the other person. If you are feeling fear from your enemy and want to get rid of your enemy then you can read Wazifa for Enemy. If someone is trying to harm you or becoming the cause of losses for you then also you can tackle such enemy by reading this wazifa.

 

This wazifa will settle down the mind of your enemy and he or she will stop annoying you and harming you. You can also apply this wazifa if some cunning person is coming in the way to your success, for example you are doing a job and your performance is good even you are considered for the growth but someone in the staff keeps on filling the ears of your superiors and seniors against you. In such situations you can read this wajifa and can handle such people very easily. This wazifa can protect you from your enemies.

 
Wajifa For Enemy
 

In what circumstances you can use this wazifa :-

 

1. If your enemy is harming you.

 

2. If someone is becoming the reason of your losses.

 

3. If someone is coming in the way to your success.

 

4. To put curse on someone.

 

5. To teach good lesson to someone.

 

6. To keep away your enemies.

 

7. For protection from enemies.

 

8. To handle the cunning person.

 

Note:- It is very clear that this Wajifa is not to kill or harm anyone so it is warned that this Wajifa must not be used with negative intentions otherwise it might can strike back to you.

 

|| IF YOU HAVE ANY QUESTION THEN WRITE IN THE BELOW COMMENT BOX ||

 

The method to read Wazifa for enemy :-

 

1. On Friday take one brick with you on the bank of any river.

 

2. Write complete name of your enemy on the paper.

 

3. Tie the paper with brick with the help of black thread.

 

4. Place it at your front.

 

5. Start reading Surat Fatiha(Aayet no.6) for 11 times.

 

Surat Fatiha(Aayet no.6) in Arabic :-

 

“ اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ ”

 

Surat Fatiha(Aayet no.6) in English :-

 

“ Ih dinas siratal mustaqeem ”

 

Now read Surat Al Kausar for 21 times.

 

Surat Al Kausar in Arabic :-

 

” إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَرَ “

 

” فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ “

 

” إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ “

 

Surat Al Kausar in English :-

 

” Innaa a’taina kal kauthar “

 

” Fa salli li rabbika wanhar “

 

” Inna shani-aka huwal abtar “

 

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Meaning of Surat Al Kausar :-

 

Angels said these words of Allah(SWT) to Prophet Mohammad(Peace be upon him) during the hard times in the life of Mohammad(Peace be upon him) Allah said that he has blessed us with river in paradise so he asked to have faith and guided to make prayers and sacrifice to get rid from your enemies and hard times.

 

Surat Al Kausar is the shortest Surat from the holy Book Quran, it has only 3 verses :-

 

1. After that read Surat Al Kausar blow on the brick.

 

2. Throw it in the river.

 

3. Within 24 hours you will notice the impacts of this method.

 

Precautions to be followed while reading Wazifa for enemy :-

 

1. Read this Wazifa on Friday after Sunset.

 

2. Write complete name of your enemy on the paper.

 

3. Do not reveal anything about reading Wazifa to anybody.

 

4. Throw the brick in the opposite direction of the water flow.

 
Taweez for black magic
 
 
 

वजीफा दुश्मन के लिए

 

वजीफा दुश्मन के लिए इस लिए पढ़ा जाता है जब कोई आपका दुश्मन आपको तंग कर रहा और आप ऐसे दुश्मन से छुटकारा चाहते हो || यह वजीफा आप किसी भी दो इंसानो की आपसी नफ़रत ख़त्म करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते है || अगर कोई इंसान आपके लिए अपने दिल में बुरी सोच रखता है या आपको नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच रखता है तो उसकी सोच को बदलने के लिए भी यह वजीफा पढ़ा जा सकता है || अगर कोई इंसान आपके लिए नुक्सान का कारन बन रहा है या आपकी तरक्की के रस्ते में आ रहा है तो भी आप इस वजीफे से ऐसे बन्दे को सबक भी सीखा सकते हैं ||

 

जब आप यह वजीफा पढ़ेंगे तो उसके बाद आपका दुश्मन न तो आपके रस्ते में आएगा और न ही आपको कोई नुकसान पहुंचा पायेगा || अगर आप कोई नौकरी करते है और आप अपना काम पूरी ईमानदारी और म्हणत से करते है और आपके काम से आपके ऊपर बैठे लोग भी खुश है मगर फिर भी आपकी तरक्की नहीं हो रही क्यूंकि कोई उनके कान भरता है आपके खिलाफ तो ऐसे इंसान को रस्ते से हटाने के लिए भी आप यह वजीफा इस्तेमाल कर सकते है || इस वजीफा से आप अपने दुश्मनो से भी मेहफ़ूज़ रह सकते हैं ||

 

आप यह वजीफा नीचे दिए गए मसलो के लिए पढ़ सकते हैं :-

 

1. अगर आपका दुश्मन आपको तंग कर रहा है ||

 

2. या कोई आपके नुकसान का कारन बन रहा है ||

 

3. अगर कोई आपकी तरक्की के रस्ते में आ रहा है ||

 

4. किसी को बद दुआ देने के लिए ||

 

5. किसी को अच्छा सबक सीखने के लिए ||

 

6. अपने दुश्मनो को अपने से दूर रखने के लिए ||

 

7. अपने दुश्मनो से बचे रहने के लिए ||

 

8. किसी चालाक इंसान को सबक सिखाने के लिए ||

 

नोट:- इस वजीफे को किसी भी इंसान को मारने के लिए या किसी को नुक्सान पहुँचाने ले लिए कभी भी न पढ़े अगर आप किसी गलत सोच के साथ इसका इस्तेमाल करते है तो इसका असर आपके ऊपर उल्टा भी हो सकता है ||

 

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इस वजीफे को पढ़ने का पूरा तरीका :-

 

1. शुक्रवार के दिन आप एक ईंट लेकर नदी के किनारे पर जाएं ||

 

2. एक कागज़ के ऊपर अपने दुश्मन का पूरा नाम लिखें ||

 

3. उस कागज़ को पांच बार फोल्ड कर लें ||

 

4. फिर उस कागज़ को ईंट के साथ काले धागे से बाँध दें ||

 

5. ईंट को अपने सामने रख लें ||

 

6. और फिर सूरत फातिहा (आयत न.6) को 11मर्तबा पढ़े ||

 

सूरत फातिहा(आयत न.6) अरेबिक में :-

 

“ اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ ”

 

सूरत फातिहा(आयत न.6) इंग्लिश में :-

 

“ Ih dinas siratal mustaqeem ”

 

अब सूरत अल कौसर 21 मर्तबा पढ़े ||

 

सूरत अल कौसर इन अरेबिक :-

 

” إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَرَ “

 

” فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ “

 

” إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ “

 

सूरत अल कौसर इन इंग्लिश :-

 

” Innaa a’taina kal kauthar “

 

” Fa salli li rabbika wanhar “

 

” Inna shani-aka huwal abtar “

 

7. उसके बाद ईंट के ऊपर दम करदें मतलब फूंक मार दें ||

 

8. फिर ईंट को नदी में फेंक दें ||

 

9. 24 घंटे के अंदर आपको इसका रिजल्ट दिख जायेगा ||

 

इस वजीफा को पढ़ने के लिए जरुरी जानकारी :-

 

1. इस वजीफा को शुक्रवार को सूरज डूबने के बाद पढ़े ||

 

2. कागज़ के ऊपर अपने दुश्मन का पूरा नाम लिखें ||

 

3. वजीफा के बारे में किसी से कुछ न बताएं ||

 

4. ईंट को पानी बहने की उलटी दिशा में फेंकना है ||

 

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وظيفة للنصر على الأعداء

 

هذه الوظيفة للنصر على الأعداء مأخوذة من القرآن الكريم ،والغرض الأساسى من قراءة الوظيفة هو إزالة العداوة التى تنشب بين الأفراد. عندما يحتفظ الإنسان بشحناء تجاه غيره قد تتحول إلى كراهية بعد ذلك وأيضاً يحاول أن يضره.إذا كنت تشعر بالخوف من أعدائك وتريد التخلص منهم تستطيع أن تقرأ وظيفة النصر على الأعداء.إذا حاول شخص أن يؤذيك أو يسبب لك الخسائر ،فيمكنك معالجة هذا الأمر من خلال قراءة الوظيفة.

 

، فهذه الوظيفة سوف تستوطن فى عقل عدوك وسوف يتوقف عن إزعاجك وإلحاق الضرر بك .وتستطيع أيضا تطبيق هذه الوظيفة إذا كانت بعض الناس الماكرة تقف فى طريق نجاحك ، على سبيل المثال ؛ إذا كان أداؤك جيد فى عمل ما وتتوقع النمو والزيادة فيه ولكنك تجد شخصا ما يملأ آذان روؤسائك ضدك .فى مثل هذه المواقف تستطيع أن تقرأ هذه الوظيفة لتستطيع التعامل مع مثل هؤلاء الناس بسهولة .فهذه الوظيفة تستطيع أن تحميك من أعدائك.

 

فى أى الظروف تستطيع أن تستخدم هذه الوظيفة ؟

 

.إذا كان عدوك يمكر بك –

 

.إذا كان هناك شخصا يتسبب فى خسائرك –

 

.إذا كان هناك من يقف فى طريق نجاحك –

 

.لوضع عقاب أو لعنة على شخص ما –

 

.لتدرس درساً جيداً لشخص ما –

 

.لتبعد عنك أعدائك –

 

.للحماية من أعدائك –

 

.للتعامل مع الشخص الماكر –

 

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: ملاحظة

 

“ من الواضح جداً أن هذه الوظيفة لا تقتل ولا تضر أى شخص ،لذلك يجب التحذير من استخدامها بنوايا سلبية أو سيئة وإلا سوف يعود الضرر عليك ! ”

 

: طريقة قراءة وظيفة النصر على الأعداء

 

.خذ قالب من الطوب فى يوم جمعة على ضفة النهر –

 

.اكتب الإسم الكامل لعدوك فى ورقة –

 

.اربط الورقة مع القالب بخيط أسود –

 

.ضعه عن أمامك –

 

.إبدأ بقراءة سورة الفاتحة ،الآية رقم 6 –

 

“اهدنا الصراط المستقيم ”
ثم تقرأ سورة الكوثر

 

إِنَّآ أَعْطَيْنَٰكَ ٱلْكَوْثَر –

 

فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ –

 

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ –

 

: تفسير سورة الكوثر

 

.أبلغ الملاك جبريل هذه الآية عن الله سبحانه وتعالى إلى نبيه محمد صلى الله عليه وسلم أثناء أوقات عصيبة من حياة النبى محمد صلى الله عليه وسلم

 

يقول الله تعالى أنه انعم علي النبى بنهر فى الجنة ومن أجل ذلك يجب الإيمان بالله والصلاة والتضحية لكى يتخلص من أعدائه والأوقات الصعبة التى يمر بها .

 

.وتعد سورة الكوثر أقصر سورة فى القرآن الكريم فهى مكونة من ثلاث آيات فقط

 

.وبعد قراءة سورة الكوثر انفخ فى قالب الطوب –

 

.القى به فى النهر –

 

.سوف تلاحظ آثار هذه الطريقة فى خلال 24 ساعة –

 

: الإحتياطات الواجب اتباعها أثناء قراءة وظيفة النصر على الأعداء

 

.اقرأ هذه الوظيفة فى يوم الجمعة بعد غروب الشمس –

 

.اكتب اسم عدوك بالكامل فى الورقة –

 

.لا تكشف عن قراءتك للوظيفة لأى شخص –

 

.ألقى بقالب الطوب فى الإتجاه المعاكس للمياه –

 

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Wazifa For Various Issues of Life

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