खोया प्यार पाए ,प्रेम विवाह ,शादी मे समस्या , ग्रह कलेश , काल सर्प दोष , पति पत्नी मे अनबन , सौतन से छुटकारा , पारिवारिक समस्या , किया कराया , खिलाया पिलाया , मांगलिक दोष, तिल दोष , वीजा आदि wazifa for marriage will remove all the obstacles in 3 days

Wazifa for marriage

 

This Wazifa is for those people who are getting delay in marriage or the people who are not getting married. Such people have many questions in their mind and they remain curious to know that when I will get married so to get the answer to all such questions Wajifa for marriage is the best way out.

 

Sometimes a person is considered by many people for marriage purpose but every time some kind of issue arises in the way so to remove all the hurdles and obstacles from the way to your marriage you can read Wazifa for marriage. This will help you in getting married soon. If you want to get a suitable partner according to your choice then also you can read Wazifa for marriage.

Wazifa For marriage

 

Wazifa For Various Issues of Life

Method of reading Wazifa for marriage :-

 

1. Take 11 seeds of rice.

 

2. After doing Woozu read Fazr Salah.

 

3. Then read Darood Sharif.

 

4. Now read Surah Yassin(Aayet no.36) for 71 times.

 

|| IF YOU HAVE ANY QUESTION THEN YOU CAN WRITE IN THE BELOW COMMENT BOX ||

 

In English :-

 

“ Subhaanalladzii khalaqa lazwaaja kullahaa mimmaa tunbitul ardhu wamin anfusihim wamimmaa laa ya’lamuun ”

 

In Arabic :-

 

“ ِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ إِنِّي رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِي سَاجِدِينَ ”

 

What Allah(SWT) wants to say by SurahYassin(Aayet no.36) ??

 

It is the blessings of Allah(SWT) that he has created all the creatures in pairs, whether of earth, or of themselves or of they did not know.

 

Surat Al Kausar is the shortest Surat from the holy Book Quran, it has only 3 verses :-

 

5. Read Darood sharif.

 

6. Blow on the 11 seeds of rice.

 

7. Throw the rice seeds in the river or lake.

 

8. You have to do this method for 11 days.

 

9. On the 11th day make Dua for your marriage before Allah(SWT).

 

10. Throw the rice seeds at the same place everyday.

 

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Surat Al Kausar is the shortest Surat from the holy Book Quran, it has only 3 verses :-

 

5. Read Darood sharif.

 

6. Blow on the 11 seeds of rice.

 

7. Throw the rice seeds in the river or lake.

 

8. You have to do this method for 11 days.

 

9. On the 11th day make Dua for your marriage before Allah(SWT).

 

10. Throw the rice seeds at the same place everyday.

 

Surat Al Kausar is the shortest Surat from the holy Book Quran, it has only 3 verses :-

 

1. Read Darood sharif.

 

2. Blow on the 11 seeds of rice.

 

3. Throw the rice seeds in the river or lake.

 

4. You have to do this method for 11 days.

 

5. On the 11th day make Dua for your marriage before Allah(SWT).

 

6. Throw the rice seeds at the same place everyday.

 

Why marriage is must for every Muslim ??

 

1. Allah has created us in pairs so marriage is the way to complete that purpose.

 

2. For the formation of new family.

 

3. To bring up the children.

 

4. To share joys and sorrows of life.

 

5. For security and peace of mind.

 

6. To fullfil biological needs.

 

What Holy Quran says about marriage ??

 

Surat Yassin(verse no.32) in Arabic :-

 

“ وإن كل لما جميع لدينا محضرو ”

 

Surat Yassin(verse no.32) in English :-

 

“ ِWa ‘In Kullun Lammā Jamī`un Ladaynā Muĥđarūna ”

 

Surat Yassin(Verse no.24) in Arabic :-

 

“ إنِّي إِذًا لَفِي ضَلالٍ مُبِينٍ ”

 

Surat Yassin(Verse no.24) in English :-

 

“ ِSesungguhnya aku kalau begitu pasti berada dalam kesesatan yang nyata ”

 

In the Surah Yassin(Verse no. 32) it is clearly mentioned that marriage is a very sacred union of single man and single woman to make a new family. It is mentioned that it is must for every person to get married no matters what his economical condition is because if a person does not earn much then Allah will take care and will increase his income.In the Holy Quran Marriage is recommended within a single man and the single woman only if both the people are agree.

 

If anyone is not getting married that person should keep faith in Allah because when the right time will come then his or her marriage will happen according to Almighty. It is also clearly denied to make illicit relationship and having sex except with wife or husband. In SurahYassin(Verse no.24) it is mentioned about more then one marriage. If a man can afford more then one wife then there is no issue but there is proper Hiddath also to keep more them one wife. He will have to keep them at the same level.

 

Precautions to be followed while reading- Wazifa for marriage :-

 

1. You must take bath before reading the Wazifa.

 

2. Choose some lonely place for reading Wjifa where no one can divert your attentions.

 

3. In case of males shave is not allowed during the Wazifa reading period.

 

4. Women cannot read any Wazifa during their menses.

 

5. Do not leave the Wazifa in between.

 

4. Throw the brick in the opposite direction of the water flow.

Taweez for black magic

वजीफा शादी के लिए

 

यह वजीफा उन लोगों के लिए है जिनके निकाह में कोई अड़चन आ रही हो या फिर जिनका निकाह न हो रहा हो || ऐसे लोगों के दिल में अपने निकाह को लेकर बहुत से सवाल होते हैं और वो यह जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते है की उनका निकाह कब होगा तो निकाह को लेकर सभी तरह के सवालों के जवाब जानने के लिए वजीफा शादी के लिए सबसे बेहतर तरीका है ||

 

कई बार ऐसा होता है की रिश्ते तो बहुत सारे आते हैं मगर कहीं न कहीं किसी वजह से बात मुकमल नहीं होती मतलब कोई न कोई रुकावट खड़ी हो जाती है || सभी तरह की अड़चनों और रुकावटों को हटाने के लिए यह वजीफा बहुत ही कारगर है || इस वजीफे की मदद से आप बहुत जल्द निकाह कर पाएंगे और यह वजीफा आप अपनी मनपसंद का पार्टनर पाने के लिए भी पढ़ सकते हैं ||

 

निकाह के लिए वजीफा पढ़ने का पूरा तरीका :-

 

1. आप अपने पास 11 चावल के दाने लें ||

 

2. फिर वुज़ू करने के बाद फज़र सलाह पढ़ें ||

 

3. उसके बाद दरूद शरीफ पढ़ें ||

 

4. अब सूरह यासीन(आयत-36) को 71 मर्तबा पढ़ें ||

 

सूरह यासीन(आयत-36) इंग्लिश में :-

 

“ Subhaanalladzii khalaqa lazwaaja kullahaa mimmaa tunbitul ardhu wamin anfusihim wamimmaa laa ya’lamuun ”

 

सूरह यासीन(आयत-36) अरेबिक में :-

 

“ ِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ إِنِّي رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِي سَاجِدِينَ ”

 

5. एक बार फिर दरूद शरीफ पढ़ें ||

 

6. फिर 11 चावल के दानो पर दम करदे मतलब फूंक मार दें ||

 

7. चावलों को कही चलते हुए पानी में फेंक दें ||

 

8. आपको यही तरीका लगातार 11 दिनों तक करना है ||

 

9. 11 वे दिन आप अपने निकाह के लिए अल्लाह ताला के आगे दुआ करें ||

 

निकाह करना हर मुस्लिम के लिए जरुरी क्यों है ??

 

1. अल्लाह ने सब जीवों को जोड़ो में बनाया है तो इसके लिए निकाह जरुरी है |

 

2. अपने परिवार को आगे बढ़ाने के लिए ||

 

3. बच्चों का पालन पोषण करने के लिए ||

 

4. अपनी खुशियां और गम बाटने के लिए ||

 

5. अपनी सुरक्षा और मन की शांति के लिए ||

 

6. अपनी जिस्म की जरुरत पूरी करने के लिए ||

 

पाक क़ुरान में शादी के लिए क्या कहा गया है ??

 

सूरत यासीन(आयत-32) अरेबिक में :-

 

“ وإن كل لما جميع لدينا محضرو ”

 

सूरत यासीन(आयत-32) इंग्लिश में :-

 

“ ِWa ‘In Kullun Lammā Jamī`un Ladaynā Muĥđarūna ”

 

सूरत यासीन(आयत-24) अरेबिक में :-

 

“ إنِّي إِذًا لَفِي ضَلالٍ مُبِينٍ ”

 

सूरत यासीन(आयत-24) इंग्लिश में :-

 

“ ِSesungguhnya aku kalau begitu pasti berada dalam kesesatan yang nyata ”

 

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सूरत यासीन(आयत-32) में यह साफ़ बताया गया है की एक परिवार शुरू करने के लिए एक लड़के और एक लड़की के लिए निकाह बड़ा ही पाक रिश्ता होता है || और इसमें यह भी कहा गया है की हर किसी के लिए निकाह करना जरुरी होता है और किसी को भी यह नहीं सोचना चाहिए की उसकी माली हालत अभी निकाह के लिए ठीक नहीं है क्यूंकि अल्लाह अपने आप आपकी कमाई में बढ़ोतरी करेगा || अल्लाह एक लड़के को और लड़की को तब निकाह के लिए ठीक ठहराते है जब वो दोनों निकाह के लिए राज़ी हो ||

 

जिस भी इंसान का निकाह नहीं हो रहा उसको अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए क्यूंकि जब सही वक़्त आ जायगा तो अल्लाह ताला की रेहमत से निकाह हो जायगा | इसमें हराम के जिस्मानी तालुकात बनाने के लिए बिलकुल मन किया है और सिर्फ अपने बीवी या अपने शौहर के साथ ही ऐसे तालुकात बनाने के लिए बोलै गया है || सूरह यासीन(आयत-24) में एक से ज्यादा शादी के बारे में कहा गया है की अगर कोई इंसान एक से ज्यादा शादी कर सकता है और अपनी बीविओं को अच्छी तरह रख सकता है तो एक से ज्यादा शादी कर सकता है || मगर उस इंसान को अपनी बीविओं को एक सा ही दर्जा देना होगा ||

 

इस वजीफा को पढ़ने के लिए जरुरी जानकारी :-

 

1. वजीफा करने से पहले वुजू जरूर कर लें ||

 

2. वजीफा पढ़ने के लिए कोई ऐसी जगह चुने जहाँ आपको कोई बीच में परेशां न कर सके ||

 

3. लड़के वजीफा पड़ने के दिनों में शेव नहीं करें ||

 

4. लड़किआं अपने हैज के दिनों में वजीफा न पढ़ें ||

 

5. वजीफा को बीच में न छोड़ें ||

 

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طريقة وجيفا لطلب الزواج

 

تستخدم طريقة وجيفا لطلب الزواج من قبل الأشخاص الذين تأخروا فى الزواج أو الذين لم يتزوجوا بعد.ومثل هؤلاء الناس تتواجد لديهم العديد من الأسئلة التى تدور فى أذهانهم والتى يجب الإجابة عنها.متى سأتزوج؟.

ولكى تحصل على إجابة عن ذلك التساؤل ،فإن طريقة وجيفا لطلب الزواج هى أفضل مخرج لهذا !فأحياناً يرغب الأشخاص بالزواج ،وهناك البعض الذى يتغلب على ذلك بإزالة جميع العقبات التى تحول دون الزواج.وتستطيع أن تقرأ طريقة وجيفا للزواج ،فهذا سوف يساعدك فى الحصول على الزواج فى الحال ،إذا كنت تريد الشريك الملائم لإختيارك فإقرأ طريقة وجيفا للزواج.

 

: طريقة وجيفا للزواج

 

.خذ عدد 11 بذرة من نبات الأرز –

 

.اقرأ الآية 36 من سورة يس وكررها عدد 71 مرة
يقول الله تعالى “سبحان الذى خلق الأزواج كلها مما تنبت الأرض ومن أنفسهم ومما لا يعلمون” –

 

.فمن فضل الله تعالى علينا أنه خلق كل المخلوقات فى أزواج ؛سواءاً من الأرض أو من أنفسنا أو من المخلوقات الأخرى حتى الشمس والقمر فقد قال تعالى فى سورة يوسف –

 

” إِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ إِنِّي رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِي سَاجِدِينَ “

 

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.انفخ على 11 بذرة من نبات الأرز –

 

.ألقى بذور الأرز فى نهر أو بحيرة –

 

.يجب أن تفعل هذه الطريقة لمدة 11 يوما –

 

.فى اليوم الحادى عشر تتوجه بالدعاء إلى الله بغرض الزواج –

 

لماذا الزواج ضرورى لكل مسلم ؟؟

 

.لقد خلقنا الله تعالى فى أزواج ،والزواج هو الوسيلة المشروعة لإتمام هذا الغرض –

 

.لتكوين عائلة جديدة –

 

.لمشاركة أفراح وأحزان الحياة –

 

.للأمن وراحة البال –

 

.لتلبية الإحتياجات الطبيعية لكل من الرجل والمرأة –

 

ماذا يقول القرآن عن الزواج ؟؟

 

من الواضح فى القرآن انكار أى علاقة غير مشروعة أو ممارسة الجنس مع أحد غير الزوج أو الزوجة ،
يقول الله تعالى “إنى إذاً لفى ضلال مبين ” سورة يس الآية 24 وفى سورة يس ،الآية 32 تتحدث عن زواج الرجل بأكثر من إمرأة ،فإذا كان الرجل يستطيع أن يتحمل الزواج بأكثر من زوجة فلا مشكلة ولكن يجب عليه الحفاظ على معاملتهن بالعدل.

 

وفى سورة يس الآية 32 يتضح أن الزواج عقد مقدس جداً بين رجل واحد وإمرأة واحدة لتكوين أسرة جديدة ،كما يذكر أنه ينبغى لأى شخص الحصول على الزواج بغض النظر عن ظروفه الإقتصادية ،فإن الله تعالى سوف يعتنى به ويزيد من دخله بعد ذلك يقول تعالى “وإن خفتم عيلة فسوف يغنيكم الله من فضله” ففى القرآن الكريم ؛الزواج المتعارف عليه هو الذى يكون بين رجل واحد وإمرأة واحدة ؛اتفقا على الزواج.وإذا لم يحصل أى شخص على الزواج فعليه الإيمان بالله تعالى وأنه فى الوقت المناسب سوف يأتى له أو لها بالزواج تبعاً لقدرته عز وجل.

 

: الإحتياطات الواجب اتباعها أثناء قراءة وجيفا للزواج

 

.يجب التطهر قبل قراءة وجيفا –

 

.اختار مكاناً منفرداً للقراءة ؛حتى لا يقوم أحد بتشتيت ذهنك –

 

.الحلاقة غير مسموح بها خلال فترة قراءة وجيفا –

 

.المرأة الحائض لا تستطيع قراءة وجيفا أثناء فترة الحيض –

 

.لا تترك القراءة فى منتصفها ،فيجب عليك إكمالها للنهاية –

 

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Wazifa For Various Issues of Life

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